हाई बीपी क्या है और यह खतरनाक क्यों है

हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त धमनियों की दीवारों पर लगातार सामान्य से ज़्यादा दबाव डालता है। शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसी वजह से इसे "साइलेंट किलर" कहा जाता है। अगर समय पर पहचान और नियंत्रण न हो, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

हाई बीपी के सामान्य लक्षण

ज़्यादातर मामलों में हाई बीपी बिना किसी लक्षण के बज़ता रहता है। लेकिन जब यह बहुत बज़ जाता है, तो सिरदर्द, चक्कर आना, थकान महसूस होना, सांस फूलना, धुंधला दिखना और सीने में भारीपन जैसे संकेत दिख सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण बार-बार दिखे तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।

मुख्य कारण

हाई बीपी के पीछे कई कारण होते हैं — जिनमें ज़्यादा नमक का सेवन, मोटापा, तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी प्रमुख हैं। पारिवारिक इतिहास (यानी परिवार में किसी को पहले से हाई बीपी होना) भी एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। उम्र बज़ने के साथ भी बीपी बज़ने की संभावना अधिक होती है।

घरेलू उपाय जो मदद कर सकते हैं

नमक का सेवन सीमित करना हाई बीपी को नियंत्रित करने का सबसे कारगर तरीका है। रोज़ाना 30 मिनट टहलना या हल्की एक्सरसाइज़ करना, वज़न को नियंत्रित रखना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन अपनाना बीपी को स्थिर रखने में सहायक होते हैं। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह परहेज़ करना चाहिए। पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला और पालक भी लाभदायक माने जाते हैं।

कब डॉक्टर से मिलें

अगर घरेलू उपायों के बावजूद बीपी लगातार सामान्य से ज़्यादा बना रहता है, या ऊपर बताए गए लक्षण बार-बार महसूस होते हैं, तो देर न करें। नियमित जांच और सही समय पर इलाज शुरू करने से हार्ट और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। गुप्ता हॉस्पिटल में हाई बीपी की जांच और इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध है।